Dharitri Mallick
Inspirational
काला कोट इसीलिए पहने हैं,
ताकि सफेद जीवन पे
न दाग लगे ।।
हर सफेद को मिले इंसाफ़
चाहे काले कोट के ही
ढाल में ।।
यही हमारा ईमान हो
धर्म और कर्म भी हो।।
तेरा साथ न छू...
हाय राम ये दु...
मेरे शिव बाबा...
~ मुरलीधर कान...
" देवी शक्ति ...
~• ग़म भरी शा...
" धोखेबाज को ...
दर्द का रिश्त...
इक ऐसा घर
दर्द के आंसू
मदर टेरेसा, आप हो अमर, सीखें सब प्यार। मदर टेरेसा, आप हो अमर, सीखें सब प्यार।
अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी अमर रहेगी गोरा बादल की कहानी बोल रही मिट्टी राजस्थानी
मां के ऋण से कोई कभी न उऋण हो सकता, चाहे कोई जीत ले सारा का सारा ही संसार। मां के ऋण से कोई कभी न उऋण हो सकता, चाहे कोई जीत ले सारा का सारा ही संसार।
मातृशक्ति नारीशक्ति का नमन वंदन कीजिए औपचारिकताओं भरा न अभिनंदन कीजिए। मातृशक्ति नारीशक्ति का नमन वंदन कीजिए औपचारिकताओं भरा न अभिनंदन कीजिए।
रिस्टार्ट ,रिस्टार्ट, रिस्टार्ट करो रिस्टार्ट जब हो जाओ अपने जीवन से हताश। रिस्टार्ट ,रिस्टार्ट, रिस्टार्ट करो रिस्टार्ट जब हो जाओ अपने जीवन से हताश।
हम सबके अपने ही सब होते, तब मधुरिम मृदुतर बरसते रंग। हम सबके अपने ही सब होते, तब मधुरिम मृदुतर बरसते रंग।
ये कौन से भेड़ियों की प्रजातियां आई है मेरे वतन में... ये कौन से भेड़ियों की प्रजातियां आई है मेरे वतन में...
उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ही तो मेरी जागीर है।.... उसकी फ़ितरत इंसानों से अलग है, वो आख़िरी साँस तक साथ निभाऐगी।हाँ सच ही तो, याद ह...
मां के बिन इस जगत मे , जीवन को धिक्कार ।। मां के बिन इस जगत मे , जीवन को धिक्कार ।।
क्यों न उडूं मैं क्यों न ख्वाब देखूं मैं भला, जीने का मुझे भी अधिकार है। क्यों न उडूं मैं क्यों न ख्वाब देखूं मैं भला, जीने का मुझे भी अधिकार है।
वृ्द्धावस्था ऐसे आई जैसे कोई चोर अंतर्मन ने दी है दस्तक जाना है उस ओर। वृ्द्धावस्था ऐसे आई जैसे कोई चोर अंतर्मन ने दी है दस्तक जाना है उस ओर।
अपने आसपास स्वच्छता लाएं, प्रदूषण रहित उमंग भरा उल्लास मनायें. अपने आसपास स्वच्छता लाएं, प्रदूषण रहित उमंग भरा उल्लास मनायें.
प्रकृति देवी प्रथम पुरूष मेंं, राग मिलन मनुहार ना होता! प्रकृति देवी प्रथम पुरूष मेंं, राग मिलन मनुहार ना होता!
तुम भी जागो... जागो, अपनी संस्कृति को अपनाओ तुम। तुम भी जागो... जागो, अपनी संस्कृति को अपनाओ तुम।
मन निर्मल, पावन विचार हो और मधुर व्यवहार करो। मन निर्मल, पावन विचार हो और मधुर व्यवहार करो।
हर पल नई आशा और उमंग हूं ईश द्वारा निर्मित रंग मंच का मैं भी एक रंग हूं! हर पल नई आशा और उमंग हूं ईश द्वारा निर्मित रंग मंच का मैं भी एक रंग हूं!
कमल हमेशा खिलता है कीचड़ और पानी में। कमल हमेशा खिलता है कीचड़ और पानी में।
क्यूं मैं माधवी की तरह न्याय, धर्म और संस्कृति के मकड़जाल में फंस कर रह जाती हूं, क्यूं मैं माधवी की तरह न्याय, धर्म और संस्कृति के मकड़जाल में फंस कर रह जाती हूं...
जल से जुड़ी, अनगिनत किस्से । पहला पन्ना, जल का उदय, सूर्य की मुस्कान, समुद्र का प्रिय। जल से जुड़ी, अनगिनत किस्से । पहला पन्ना, जल का उदय, सूर्य की मुस्कान, समुद...
कुछ लोगों की करनी को फिर ये सारा जग कितना भुगतता। कुछ लोगों की करनी को फिर ये सारा जग कितना भुगतता।