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Anil Jaswal

Classics

4  

Anil Jaswal

Classics

विविधता में एकता।

विविधता में एकता।

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कोई है हिन्दू,

कोई है मुस्लमान,

कोई है सिख,

कोई है इसााई,

और भांति भांति के लोग,


लेकिन जब आती कठिनाई,

तो बन जाते,

एक मुुुठ्ठी,

योनि पुरी  ताकत,

निपटते दुश्मन सेे,

जैसे ‌ सबका भगवान एक,

कह रहा हो,

दिखा दे इसको,

हम हैं भारतीय।


हमारी मिट्टी‌ भी,

हर रंग की,

कहीं पर है केसरी,

दिखाती हमा‌री वीरता,

कहीं पे सफेद,

बताती हम हैं शांति के दूूत,

और फिर हरियाली बताती,

हम हैं प्रकृति के रक्षक।

इन सबको मिलकर बनाती,  ‌

आज का‌ भारत।


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