STORYMIRROR

Ajay Gupta

Children

4  

Ajay Gupta

Children

विविधता में एकता

विविधता में एकता

1 min
350

विविध रंग विविध रूप 

विविध जाति विविध स्वरूप 

विविध भाषा विविध बोल

विविध खाना विविध खेल 

विविध रीति रिवाज विविध पोशाक 

विविध तीज त्योहार विविध भौगोलिक निवास 

विविध ऋतुएं विविध सामाजिक परिवेश 

विविध है जहां सभी ऐसा अपना देश 

फिर भी सब एक सूत्र में है बंध जाते 

साथ साथ बढ़ते, सब उन्नति ही पाते 

जहां सभी नागरिक है समान, 

स्वतंत्रता है जिनकी शान 

जहां शोषण के विरुद्ध है संग्राम, 

सब के धर्म का है सम्मान, 

जहां है विविधता में एकता, 

ऐसा प्यारा अपना भारत देश है महान


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Children