Rajeev Namdeo Rana lidhori
Action Others
1
बनते जो मजदूर है,
वे कितने मजबूर ।
सबकुछ अपना छोड़ के,
घर से बेहद दूर ।।
2
मिले मजूरी जब उसे,
तब रोटी बन पाय।
जिस दिन गया न काम पर,
भूखा ही रह जाय।
बुंदेली दोहा-...
ग़ज़ल-रुला दे...
ग़ज़ल- कहां ख...
विश्व मजदूर द...
ग़ज़ल
हिन्दी दोहे- ...
-हनुमान जन्मो...
हाइकु कविता
ग़ज़ल- साथ ज़...
मेरे दोस्त ना...
विपक्ष का बजाये बाजा विदेशों तक हो नाम विपक्ष का बजाये बाजा विदेशों तक हो नाम
क्योंकि वह मजदूर था। उसको तो खुद से लड़ना था। एक मजदूर की व्यथा। क्योंकि वह मजदूर था। उसको तो खुद से लड़ना था। एक मजदूर की व्यथा।
सर्वश्रेष्ठ वतन हो अपना, अग्रणी सारे इस जहान में।... सर्वश्रेष्ठ वतन हो अपना, अग्रणी सारे इस जहान में।...
भारती महक से महके, भारत का आज कल है। भारती महक से महके, भारत का आज कल है।
हाय कब छूटेगा ये अंदाज नारी के लिए रोज टूटती है फिर भी कर बैठती उम्मीद। हाय कब छूटेगा ये अंदाज नारी के लिए रोज टूटती है फिर भी कर बैठती उम्मीद।
आगे के लिए, हुवे खबरदार हैं सीख गए, या रहें नए धोखे को तैयार।। आगे के लिए, हुवे खबरदार हैं सीख गए, या रहें नए धोखे को तैयार।।
चयन करो तो सही से चुनना सफर है भईया अपना अपना... चयन करो तो सही से चुनना सफर है भईया अपना अपना...
अपनी हिम्मत से हर हार को जीत में बदलने का ऐलान कर ले। अपनी हिम्मत से हर हार को जीत में बदलने का ऐलान कर ले।
तब जाकर होगा कहीं हमारे प्यारे देश का कल्याण।। तब जाकर होगा कहीं हमारे प्यारे देश का कल्याण।।
म्हारा भारत, प्यारा भारत। दुनिया में सबसे न्यारा भारत। म्हारा भारत, प्यारा भारत। दुनिया में सबसे न्यारा भारत।
प्रभु मुझको भी अपना भक्त स्वीकारो। अपने चरणों में मुझको दे दो स्थान। प्रभु मुझको भी अपना भक्त स्वीकारो। अपने चरणों में मुझको दे दो स्थान।
कहे भारती अब पढ़ता चल, अ देश मेरे अब बढ़ता चल। कहे भारती अब पढ़ता चल, अ देश मेरे अब बढ़ता चल।
उसे बेशक उसका बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा उसे बेशक उसका बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा
अब कोई नहीं है माधव महाभारत शंख बजाने वाला। अब कोई नहीं है माधव महाभारत शंख बजाने वाला।
अल्फा, बीटा और गामा किरणों पर, नियंत्रण को मिल हम हाथ बढ़ाएं। अल्फा, बीटा और गामा किरणों पर, नियंत्रण को मिल हम हाथ बढ़ाएं।
बदला लेने शेर, देश विदेश में भटका। बदला लेने शेर, देश विदेश में भटका।
विश्व मंच पर जो ऊंचा रखे भारत माता के भाल को। विश्व मंच पर जो ऊंचा रखे भारत माता के भाल को।
पाप पुण्य से मुक्ति दिलाने कब आओगे राम ? पाप पुण्य से मुक्ति दिलाने कब आओगे राम ?
कर रहा देस नमन, गुरु गोबिंद नै सारा।। कर रहा देस नमन, गुरु गोबिंद नै सारा।।
सोचे सरकार इनके हित हरदम तो, होगा तभी इनका जीवन कल्याण। सोचे सरकार इनके हित हरदम तो, होगा तभी इनका जीवन कल्याण।