Rajeev Namdeo Rana lidhori
Inspirational
1
बिगड़े काम,
सब बन जाते है।
जय श्रीराम।।
2
सुबह-शाम,
शत् शत् प्रणाम।
जय श्री राम।।
3
करिये ध्यान,
जीवन हो आसान।
4
पूजे जो राम,
पहुंचे पुण्य धाम।
5
रोम रोम में,
बसने वाले प्रभु।
बुंदेली दोहा-...
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कई स्मृतियां मन की किवाड़ से झांकती पलकों पे उतर आयी..... कई स्मृतियां मन की किवाड़ से झांकती पलकों पे उतर आयी.....
लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं! लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं!
यह साल अब देकर चला, खट्टी मीठी याद। कहीं 'साल' भर सालता, कहीं भरे उन्माद। यह साल अब देकर चला, खट्टी मीठी याद। कहीं 'साल' भर सालता, कहीं भरे उन्माद।
न जाने कितने रहस्य छिपे हैं पृथ्वी की इस कोख में। न जाने कितने रहस्य छिपे हैं पृथ्वी की इस कोख में।
तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो। तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो।
तकली के महीन धागों से जो सपने बुने। उसमें समय की तूलिका से असल रंग भरें।। तकली के महीन धागों से जो सपने बुने। उसमें समय की तूलिका से असल रंग भरें।।
कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I
जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब मेरे विद्रोह के ज्वाल... जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब म...
मैं हरगिज़ अपनी हालात के आगे रहम की भीख नहीं माँगूंगा ! मैं हरगिज़ अपनी हालात के आगे रहम की भीख नहीं माँगूंगा !
क्यों खड़ी की तुमने बारूद के ढेर पर हमारी दुनिया मुझे जीवन की आस है। क्यों खड़ी की तुमने बारूद के ढेर पर हमारी दुनिया मुझे जीवन की आस है।
फ़क़त तू ही नही खुदा के आशियाने मे कैद हैं और भी कई इसी अफसाने मे। फ़क़त तू ही नही खुदा के आशियाने मे कैद हैं और भी कई इसी अफसाने मे।
ये विश्वास ही कर्मयोग की नींव है! ये विश्वास ही कर्मयोग की नींव है!
खेती बाड़ी करे किसान ,मन में नहीं रखते बैर, दुष्ट संग दुश्मनी करे,मार भगाते न समझ खैर। खेती बाड़ी करे किसान ,मन में नहीं रखते बैर, दुष्ट संग दुश्मनी करे,मार भगाते न...
ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रोई होगी। ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रो...
होंठों पर हो गीत खुशी के , झूमे-नाचे हर प्राणी हो जगमग-जगमग दीप जले, होंठों पर हो गीत खुशी के , झूमे-नाचे हर प्राणी हो जगमग-जगमग दीप जले,
लहू के बदले लो आजादी, दिया सुभाष चंद्र ने नारा।। लहू के बदले लो आजादी, दिया सुभाष चंद्र ने नारा।।
याद रखो अवकाश नहीं उत्सव हो हर बार। याद रखो अवकाश नहीं उत्सव हो हर बार।
मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं। मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं।
उत्साह से भरा हर पल, हर क्षण एक नई कहानी। नारंगी रंग का प्रतीक है, जीवंतता की निशानी। उत्साह से भरा हर पल, हर क्षण एक नई कहानी। नारंगी रंग का प्रतीक है, जीवं...
वो एक नन्ही सी लड़की जिसके सपनों की उड़ान ऊंची है। वो एक नन्ही सी लड़की जिसके सपनों की उड़ान ऊंची है।