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Praveen Gola

Romance

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Praveen Gola

Romance

वासना ही प्यार है

वासना ही प्यार है

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वासनायों में डूबा ...प्रेमी - प्रेमिका का प्यार,

प्यार की सही परिभाषा, यही तो होती है यार।

अक्सर ये प्रेमी - प्रेमिका, अपनी तपन को छुपाते हैं।

प्यार की परिभाषा को, सिर्फ दोस्ती बताते हैं।


भला बिना वासना के ....इश्क का भी क्या मज़ा ?

प्यार भी तब ऐसा लगे, जैसे किसी ने दी हो सज़ा।

इसलिये क्यूँ बने हम भी ?

पागल और नादान, वासना ही प्यार है, लें वासना का ज्ञान।


अँधेरी रातों में, जब तारे टिमटिमाते हैं,

तब भीगे लब एक - दूसरे के, लबों की गर्मी पाते हैं।

फिर धीरे - धीरे ये आग, और तेज होती है,

नग्न बदन में खामोशी, खुद ~ब ~खुद पिरोती है।


हवा का एक तेज झोंका, अचानक ऐसे बीच गुजरता है,

पसीने से लथपथ बदन, तब और तेज मचलता है।

काम के तीर मनों पर, इतनी तेज लगते हैं,

पिघलते ज़िस्म एक - दूसरे की, रूहों में उतरते हैं।


उथल - पुथल से सारा रोम, तब हर्षित हो जाता है,

जब चरमसीमा पर पहुँच के प्रेमी, मस्ती के गीत गाता है।

कानों में वो नई - नई बोली, कितनी अच्छी लगती है,

और मिलन की हर ठिठोली, एकदम सच्ची लगती है।


वासनायों से भरा ऐसा प्यार, यही तो प्यार कहलाता है,

जब दो ज़िस्मों का, एक जान में संगम हो जाता है।


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