वादा
वादा
दोस्तों ने किया था एक वादा
जिंदगी भर मिलते रहने का
नादानी में उन्हें एहसास न था
जिंदगी की बेकस फितरत का
कुछ उम्र-दराज़ मिल न सके
कुछ गुजर गये थे बिना मिले
कुछ बीमारी से बेबस थे
कुछ भूल गये अपना वादा
मिलने के मौके आए थे
दोस्त फिर कभी ना मिल पाए
पूरा न हुआ वादा अनजाने में
कसक दे गया जिंदगी भर की।
