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गीतेय जय

Romance

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गीतेय जय

Romance

वादा

वादा

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 एके पेड़ खड़ा रहता है

आँधी हो या तूफान हो


भीषण ताप हो सूर्य का

टिम टिम तारों की छाँव हो


मद में चूर बिजली गरजे

या क्रोधित हो इन्द्र बरसे


जल की बून्द को तरसे कभी

कभी भयंकर हिमपात हो


एक ऋतु के लिए ही सही

प्रतीक्षारत प्रेम खिल जाएगा


एक पेड़ खड़ा रहता है कि

प्रियतम वसंत लौट आएगा !!


ये पेड़ क्यों खड़े रहते हैं कहीं जाते नहीं....

किसी ने लौट आने का वादा किया होगा !!  


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