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Jassal Amarjit

Tragedy Inspirational

4  

Jassal Amarjit

Tragedy Inspirational

ऊपर वाला सब जाने !!

ऊपर वाला सब जाने !!

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जो बात हम हैं कह रहे हर बात हो रही नोट है,

वो सबके मन की पढ़ रहा, मन में रखते जो खोट है,

हर अनसुनी आवाज को पढ़ लेता है वो जादूगर, 

गर सामने से बोल दे , तो लगती मन में चोट है, 

जो बात हम हैं कह रहे, हर बात हो रही नोट है ।


हम बात कह कर भूल जाएं, तो ही अच्छा हो, 

जो मिल रहा गम और खुशी, गर उसकी इच्छा हो, 

निंदा, चुग्ली के समान, दुश्मन ना कोई दोस्त है, 

ये मिलते है जिस बाट पर, वो सब कर्मो की ही वोट है,

जो बात हम हैं कह रहे, हर बात हो रही नोट है ।


तेरा जनाजा उठ जाएगा, और खत्म तू हो जाएगा, 

वो खोलकर तेरी किताब, फिर फैसला सुनाएगा, 

हर बात का होगा हिसाब, तू कुछ भी कह ना पाएगा, 

समझ आएगी हर वो बात, जो यहाँ लोट पोट है, 

जो बात हम हैं कह रहे, हर बात हो रही नोट है ।


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