STORYMIRROR

Jassal Amarjit

Abstract

3  

Jassal Amarjit

Abstract

मिरर इमेज

मिरर इमेज

1 min
362

हर अक्स की पहचान होती है,

मगर दिखता कभी कभी , 

हर वक्त की पहचान होती है,

मगर रुकता कभी नहीं, 

हर शख्स में इक जान होती है, 

मगर समझता कोई नहीं ।।  



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract