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Jassal Amarjit

Inspirational

3  

Jassal Amarjit

Inspirational

मां

मां

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यूं ही नहीं हैं कहते, 

तुझको देवी ए मेरी मां 

तेरा आकार अलग सा है

तुझ से ही है बनता, 

मेरा वजूद ए मेरी मां

तेरा संसार अलग सा है


चूल्हा चौकी भी तू करती 

रसोई से ऑफिस भी निकलती

तू अगर एक मां नहीं होती 

तेरे बिन सब लाचार लगता है, 


तू कहकर मत गिना,  

मेरे मुझको तू गुनाह, 

मैं बड़ा बेशक से हूँ, पर 

तेरा सतकार अलग सा है। 

यूं ही नहीं हैं कहते,  

तुझको देवी ए मेरी मां 

तेरा आकार अलग सा है



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