उत्सर्ग की शक्तिस्वरूपा (माता गुजरी )
उत्सर्ग की शक्तिस्वरूपा (माता गुजरी )
माता गुजरी का प्रेरक बलिदान
नारी शक्ति का है अद्भुत प्रमाण
त्याग, सेवा, और प्रेम की मूरत
धैर्य व साहस की जीवित सूरत
करतारपुर जालंधर में थीं जन्मी
बिशन कौर संस्कारों से थीं सजी
1627में लालचंद की बेटी प्यारी
धरती पर आईं एक शक्ति न्यारी
सिख गुरु तेग बहादुर संग ब्याहीं
धर्म की राह पर सदा गईं सराहीं
त्याग और समर्पण की मिसाल
प्रेम और करुणा से परिपूर्ण भाल
तेग बहादुर को भेजा शहीदी को
धर्म की रक्षा का प्रण ले मुफीदी
नन्हे साहिबजादों को दी शिक्षा
धैर्य, सच्चाई, व निष्ठा की दीक्षा
वात्सल्य में बसती थी वे ममता
हर क्षण झलकी उनकी क्षमता
जीवन था सेवा और परोपकार
नारी शक्ति का है अमर विचार
बेटों की शहीदी वक्त धैर्य अपार
नन्हे पोतों का बलिदान अपरम्पार
फतेह ,जोरावर सिंह को दी सीख
शहीदी अपने कुल की नीति रीत
धैर्य की प्रतिमा,साहसी कहानी
माता गुजरी की अद्भुत जुबानी
बलिदान की उनकी अमर गाथा
हर दिल हर जुबां झुकाती माथा
मातृत्व उनका देता अमर प्रेरणा
शक्ति, समर्पण, व धैर्य सराहना
माता गुजरी, नारी शक्ति पहचान
उनकी कहानी से रोशन ये जहान
