STORYMIRROR

Saraswati Aarya

Romance

4  

Saraswati Aarya

Romance

उसकी बातें, उसके ख्याल

उसकी बातें, उसके ख्याल

1 min
238

कहते हैं 

इंसान इस दुनिया में

अकेला आता है , अकेला जाता है 

पर जब से वो मिला

हर पल, हर क्षण

साथ रहती थी उसकी बातें, उसके ख्याल

उसकी बातें सुबह का सूरज बनकर

मुझे जगाती थी

उसके ख्यालों की कस्ती मुझे

सर्दी में गुनगुनी धूप के गाँव में

गर्मी में

पेड़ों की ठंडी छाँव में

ले जाती थी

ऐसा लगता था जैसे

प्रकृति भी मेरे लिए लेकर आ गयी हो

अनुराग के मायाजाल

हर पल, हर क्षण

साथ रहती थी

उसकी बातें, उसके ख्याल

उसके संग वक्त

सावन की बूँदों जैसा बरसता था

पर मेरा रोम- रोम 

उसकी बातें सुनने को तरसता था

जिंदगी में दुःख देखा खुशी भी देखी

पर जो मुझे उससे ज्यादा हँसा दे

मेरी पलके भीगा दे

ऐसी किसी की क्या मजाल

हर पल, हर क्षण 

साथ रहती थी

उसकी बातें उसके ख्याल       

मेरी आशाएँ, मेरी उम्मीदें

सिर्फ उसी तक जुड़ी रहती थी

मेरे सपनों की उड़ान

मेरी मंजिलों की कमान

उसी की ओर मुड़ी रहती थी

पर कभी सोचा न था

मेरी जिंदगी का ये अध्याय

यहीं समाप्त हो जायेगा

वो बन कर रह जायेगा

जिंदगी में सिर्फ एक ख्याल

हमेशा संग रहती थी

उसकी बातें, उसके ख्याल ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance