Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!
Click Here. Romance Combo up for Grabs to Read while it Rains!

उसके जज्बात.... !

उसके जज्बात.... !

1 min 338 1 min 338

वह मेरी 

परवाह करता हैं 

दिन-रात, 

बेचैन रहता हैं 

मुझसे 

बिन किये बात, 

ख़ामोशियों में भी 

परेशान करते हैं 

उसके जज़्बात , 

बड़ा दूभर हो 

गया हैं 

सहना ऐसे-ऐसे 

हालात, 

वह मेरी 

परवाह करता हैं 

दिन-रात!



Rate this content
Log in

More hindi poem from Rajit ram Ranjan

Similar hindi poem from Romance