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उसके जज्बात.... !

उसके जज्बात.... !

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वह मेरी 

परवाह करता हैं 

दिन-रात, 

बेचैन रहता हैं 

मुझसे 

बिन किये बात, 

ख़ामोशियों में भी 

परेशान करते हैं 

उसके जज़्बात , 

बड़ा दूभर हो 

गया हैं 

सहना ऐसे-ऐसे 

हालात, 

वह मेरी 

परवाह करता हैं 

दिन-रात!



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