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GOPAL RAM DANSENA

Abstract Inspirational

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GOPAL RAM DANSENA

Abstract Inspirational

उनके वजूद से

उनके वजूद से

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सभा भरी हुई थी

और एक नाम

माइक में गूंजा

फिर तालियों की

गड़गड़ाहट

सब सम्मान में

उठ खड़े हुए

पर यह क्या

उसके आंख छलक आई

अपनी सफलता को

सपना बताया

अपने माँ बाप का

कि कैसे एक

नन्हे में अपने सपनों को

साकार होते देखा

उंगली पकड़कर

आसमाँ में

उड़ना सिखाया

और आज पचपन पार

वह रंगमंच में

वहीं फर्ज निभाते

इस मंच में गर्व से

खड़ा है उनके वजूद से


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