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Sheetal Harvara

Abstract

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Sheetal Harvara

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उम्मीद अभी शेष है

उम्मीद अभी शेष है

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सहेज लिए ख्वाबों को,

पिरोना अभी शेष है।


लड़ लिया हर दर्द से,

सहाना अभी शेष है।


दे दिया इम्तिहान,

पास होना अभी शेष है।


लिख दी राह मंजिल की,

पहुंचना अभी शेष है।


उभरे हैं हर आग से,

जलना अभी शेष है।


टूट गए हैं हर और से,

उम्मीद अभी शेष है।


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