varsha thakur
Fantasy Others
वक्त से लडकर जो अपनी नसीब बदल दे इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे कल क्या होगा कभी मत सोचो क्या पता कल वक्त खुद अपनी तस्वीर बदल दे
संघर्ष :एक पु...
कलम का सफर
उड़ान
प्रेरणा और हौ...
एहसास के पन्न...
ओस की बूंदे
कैसा है ये आज...
जीवन का सत्य
वही अंबार ए मय, वहीं जाम ए रवान वहीं जाम ए रवानी वही अंबार ए मय, वहीं जाम ए रवान वहीं जाम ए रवानी
फाड़ सकती में उन लम्हों को जिन्होंने मुझे बहुत रुलाया फाड़ सकती में उन लम्हों को जिन्होंने मुझे बहुत रुलाया
अगर शब्दो के पंख होते तो दुनिया में हम न होते। अगर शब्दो के पंख होते तो दुनिया में हम न होते।
चंद लम्हे क्या मिले, हमने उन्हें "उम्र" का नाम दे दिया। चंद लम्हे क्या मिले, हमने उन्हें "उम्र" का नाम दे दिया।
मां का मन बच्चे के साथ कहां कहां तक जाता है। जब बच्चा पढ़ने के लिए कहीं दूर को जाता मां का मन बच्चे के साथ कहां कहां तक जाता है। जब बच्चा पढ़ने के लिए कहीं दूर ...
दास्तान तो उनकी है, जो सिर्फ ख्वाब ही सजा सके दास्तान तो उनकी है, जो सिर्फ ख्वाब ही सजा सके
वृद्धावस्था तक का ये सफर एक अंतिम पल वृद्धावस्था तक का ये सफर एक अंतिम पल
मंजिल तो मिल जाएगी पर रास्ते के अनुभव कभी नहीं मिल पाएंगे। मंजिल तो मिल जाएगी पर रास्ते के अनुभव कभी नहीं मिल पाएंगे।
पगला, दीवाना , मस्ताना, हर नाम की दौलत पाई पगला, दीवाना , मस्ताना, हर नाम की दौलत पाई
दर्द कम नहीं होता। मैं खुश! हूं मगर, ख्वाब! नहीं देखा कबसे। दर्द कम नहीं होता। मैं खुश! हूं मगर, ख्वाब! नहीं देखा कबसे।
युद्ध की भयानकता हावी होती है युद्ध की भयानकता हावी होती है
अगर ग़ैर होता तो कोई ग़म नहीं। जानकर अपने लूटे तो हम रो गये।। अगर ग़ैर होता तो कोई ग़म नहीं। जानकर अपने लूटे तो हम रो गये।।
नफरतों की चिंगारी पे, गर गिरा दें प्रेम का पानी। किसकी मज़ाल है, मुल्क में जो आग लगा दे नफरतों की चिंगारी पे, गर गिरा दें प्रेम का पानी। किसकी मज़ाल है, मुल्क में जो ...
मुझे अपने दिल में यूँ छुपा लो मुझे अपना एक गहरा सा राज़ बना लो मुझे अपने दिल में यूँ छुपा लो मुझे अपना एक गहरा सा राज़ बना लो
दैनिक वेतन अर्जक हैं हम मजदूर हैं, नहीं दर्शक हैं हम दैनिक वेतन अर्जक हैं हम मजदूर हैं, नहीं दर्शक हैं हम
वो सोचता, अपराधी इतने, आगे निकल गये, व्यवस्था भी, उनसे घबराती, वो सोचता, अपराधी इतने, आगे निकल गये, व्यवस्था भी, उनसे घबराती,
मोहब्बत है किससे ये सवाल वो हमसे बार बार किए जाता है। मोहब्बत है किससे ये सवाल वो हमसे बार बार किए जाता है।
हसरत थी कि सपनों से एक नई दुनिया बसाऊं हसरत थी कि सपनों से एक नई दुनिया बसाऊं
आखिर कार में डाले, चल पड़ा, तेज गति से, अपने गंतव्य पर, आखिर कार में डाले, चल पड़ा, तेज गति से, अपने गंतव्य पर,
कुछ कह नहीं सकता खामोश दिल की वादी में कुछ कह नहीं सकता खामोश दिल की वादी में