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varsha thakur

Crime Inspirational

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varsha thakur

Crime Inspirational

कैसा है ये आजाद देश

कैसा है ये आजाद देश

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जगत जननी कहते हो जिसको 
क्यों उसपर प्रहार है 
नारी को तुम देवी मानो 
फिर क्यों ये अत्याचार है 

सरस्वती का रूप है वो 
पर शिक्षा उससे छीन ली 
अंधेरे से वह डरती है 
यह कैसी आजादी दी 

देश हुआ आजाद मगर 
बेटी अब भी डरती है 
अपनों के बीच में 
क्यों खुद को असुरक्षित पाती है 

कहने को सब मुक्त यहां 
पर बेरिया अभी पुरानी है 
सच तो यह है आज भी नारी 
बस सहने की कहानी है 

अंतिम संदेश: पूजना बंद करो 
अगर सम्मान दे नहीं सकते 
आजाद है देश तभी 
जब बेटियां नीडर चल सके
 


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