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Bhavna Sharma

Tragedy

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Bhavna Sharma

Tragedy

उदास मन

उदास मन

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आज मन उदास क्यूं है?

किसी अजनबी से किसी रिश्ते की आस क्यूं है।

समुद्र के किनारे होते हुए भी ,

गले में प्यास क्यूं है?

चारों तरफ शोरगुल की आवाज होते हुए भी

मन में शांति का निवास क्यूं है?

आज मन उदास...

पल भर का गुस्सा, और दिनभर पछतावे का एहसास क्यूं है?

डूबते हुए सूरज से भी, अगले सबेरे की आस क्यूं है?

आज मन...

न रोते हुए भी

मेरे कानों मे गूंज रही, सिसकने की आवाज कयूं है?

निराशाओं से हारी हुई

आज आश क्यूं है?

सबके साथ होते हुए भी

मन मे अकेलेपन का एहसास क्यूं है?

हजारों अनचाहे प्रश्न 

दिमाग के घोड़े पर सवार क्यूं है??

आज मन उदास क्यूं है????



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