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dhara joshi

Abstract Tragedy

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dhara joshi

Abstract Tragedy

तूने मेरे लिए क्या किया।।

तूने मेरे लिए क्या किया।।

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अपने सपनों को तिज़ोरी के कोने में लॉक कर दिया

और जवाबदारी के बोझ को उठाने को

अपने आपको तैयार कर दिया

अपनी खुशियों को नजरंदाज कर लिया

अपनी ख्वाहिशों को दबा लिया

अपने हुनर को पैक ही रहने दिया

अपनी विशलिस्ट को छुपा लिया

अपने प्रोफ़ेशन को गुड बाय कह दिया

बहुत कुछ कहना होता था

फिर भी अपने शब्दों को रोक लिया

अपनी नाराज़गी जताना छोड़ दिया

इतना कुछ त्याग दिया फिर भी

हर बार एक ही शिकायत की

"तूने मेरे लिए क्या किया"



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