STORYMIRROR

Dravin Kumar CHAUHAN

Romance

4  

Dravin Kumar CHAUHAN

Romance

तुम्हें क्या लिखूं

तुम्हें क्या लिखूं

1 min
220

तुम्हें अपना अल्फाज लिखूं

या एहसास लिखूं 

तू मेरी किस्मत है 

तू मेरी जीवन साथी 

और बता क्या लिखूं 

मेरे पास तेरे लिए कोई लफ़्ज़ नहीं

तुझ से ही दूरी का एहसास लिखूं 

या बेइंतहा मोहब्बत की बात लिखो 

तू मेरा इश्क है 

बता इसके सिवा और क्या लिखूं 

तुम्हें एक हसीन ख्याल लिखूं 

या तुमको अपनी जान लिखूं

तुम्हें पता है कि तुम मेरे 

रोम रोम में बस्ती हो 

तुम मेरी धड़कन हो 

तुम्हारा खूबसूरत ख्याल लिखूं 

या अपनी मोहब्बत का इजहार लिखूं

तुमने ही मुझे लिखा 

अपने प्यार की कलम से 

यह मेरी जान बता तुझको 

मैं किस तरह लिखूं 

तू है मेरे जीवन की हिस्सा 

और बता रिद्धि तुझे 

और क्या लिखूं 

तू जीने की जरूरत सी रहे 

हाथों में हाथ हर कदम उठाए 

बस तेरे साथ इसके सिवा 

और क्या लिखूं 

तेरी सादगी लिखूं या 

तेरे वजह से मेरे मायूस चेहरे 

पर आईं मुस्कुराहट लिखूं 

तुम्हें अपना अल्फाज लिखूं 

या एहसास लिखूं 

तेरे निश्चल प्रेम लिखूं 

या तेरा आभार लिखूं 

पराया से अपना बनाकर 

तुमने हमें धन किया इसका 

धन्यवाद लिखूं 

तू मेरी किस्मत है 

तू मेरी जीवन साथी 

रिद्धि बताओ न क्या लिखूं 

तू मेरे जीवन की हिस्सा है 

और बता रिद्धि तुझे 

और क्या लिखूं 

तू मेरी मंजिल है 

तू मेरी दुआओं की असर है 

तू मेरी किस्मत है 

तू मेरी जीवन साथी 

और क्या लिखूं तेरे लिए 

मेरी पास कोई शब्द नहीं

तू मेरे जीवन की हिस्सा है 

तेरे बगैर मेरा जीवन अधूरा है 

यह इश्क नहीं इबादत है 

हां हमें तुझ से बेहद प्रीत है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance