STORYMIRROR

Dravin Kumar CHAUHAN

Romance Others

4  

Dravin Kumar CHAUHAN

Romance Others

बेवफा

बेवफा

1 min
287

तुम्हारी आँखों में थी एक झूठी चमक,

तुम्हारे दिल में थी एक बेवफाई की बात।

तुमने मुझे धोखा दिया, तुमने मुझे छोड़ दिया,

तुम्हारी बेवफाई ने मुझे तोड़ दिया।

तुम्हारी मुस्कराहट में थी एक छुपी हुई चाल,

तुम्हारे प्यार में थी एक बेवफाई की बात।

तुमने मुझे प्यार के नाम पर धोखा दिया,

तुम्हारी बेवफाई ने मुझे जिंदगी भर का दर्द दिया।

लेकिन मैं तुम्हें माफ कर दूंगा, तुम्हारी बेवफाई को भूल जाऊंगा,

क्योंकि मैं जानता हूं कि तुम्हारी बेवफाई में भी एक सच्चाई थी।

तुम मोहब्बत कि नहीं धन संपत्ति की भूखी थी जो तुम्हें मिल गया अच्छा हुआ अच्छे वक्त पर तुमने अपना रंग दिखाए हमें दुख नहीं धन जाने का हमें दुख है तुम्हारे जैसे को दिल में बसाने का कर ईश्वर जो करें अच्छा होता है ईश्वर से अब यही प्रार्थना है कि कोई मिले या ना मिले लेकिन तुम्हारे जैसी कोई बाजार ना मिले तुमने मुझे प्यार के नाम पर धोखा दिया तुम्हारी बेवफाई ने मुझे जिंदगी भर का इनाम दिया है खैर चलो जो हुआ है अच्छा हुआ तुमसे अच्छी तो तुम्हारी मुस्कुराहट थी या वह भी तुम्हारे जैसी दिखावटी थी खैर में दर्द को संभाल लूंगा खुद को भी संभाल लूंगा तुम हमसे दूर चले गए अपना रंग दिखाकर इसी बहाने समझुगां एक बुरा वक्त चल गया 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance