STORYMIRROR

Mayank Kumar

Romance

3  

Mayank Kumar

Romance

तुम्हारे आने से

तुम्हारे आने से

1 min
216

जीवन की धुंधली बाहों में

लिपट गई थी सारी खुशियां


मेरी जीवन की सारी आशाएं 

जकड़ गई थी कई जंजीरों में 


तेरे आने से अनुभव हुआ हैं

मानो जैसे मृत वसुधा को


घनघोर अंधेरे में सूर्य मिला हो

मृत मिट्टी को प्राण मिला हो।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance