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Jiwan Sameer

Abstract Romance Classics

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Jiwan Sameer

Abstract Romance Classics

तुम

तुम

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मुद्दतों से दिल में ठहरी, एक अधूरी बात हो तुम,
मेरी हर धड़कन की धुन में, प्रेम की सौगात हो तुम।
तेरे सुर्ख़ होंठों को लिख दूँ, प्रेम का पावन तीर्थ,
तेरे नाम से शुरू हो जीवन, तुझ पर हो हर अर्थ।

तुम मेरी जीवन-पुस्तक का पहला पन्ना बन जाना,
आख़िरी पन्ने पर भी आकर, अपना नाम लिख जाना।
गर तुम एक इजाज़त दे दो, प्रेम की कलम उठा लूँ,
हर लफ़्ज़ में तुझको लिखकर, अपनी दुनिया सजा लूँ।

मेरी कविता तुम ही रहना, मेरी हर इक दुआ में तुम,
मेरी ख़ामोशी के भीतर, गूँजे बस तेरा ही ग़म।
तेरी आँखों की गहराई में, ऐसा मैं खो जाऊँ,
डूबूँ तेरी नज़र में इतना, खुद को फिर से पा जाऊँ।

तेरे चेहरे पर चाँद का नूर, चुपके से मैं धर दूँ,
तू मुस्काए तो रातों में भी, सौ-सौ दीपक भर दूँ।
आसमान के सारे तारे, तेरी माँग में सजा दूँ,
दुनिया को फिर प्रेम की अपनी, सुंदर दास्ताँ सुना दूँ।

गुलाबों से रंगत माँगूँ, तितली से अनुराग,
तेरे कंधों पर बस जाएँ, रंग-बिरंगे सारे राग।
तेरी इक मुस्कान पे अपनी, सारी रातें वार दूँ,
तेरी इक खिलखिलाहट पर, हज़ार सुबहें हार दूँ।

कभी-कभी ये दिल कहता है, कुछ तो पुण्य किए होंगे,
तभी तो मेरे हिस्से में, तुम जैसे सपने आए होंगे।
किस जन्म की नेकी थी ये, किस दुआ का है असर,
जो तुम बनकर सामने आया, मेरे ख़्वाबों का सफ़र।

बस इतना सा ख़्वाब है मेरा, हाथ तुम्हारा थाम सकूँ,
दुनिया के सारे बंधन भूलूँ, पल भर तुझमें समा सकूँ।
तेरी ख़ामोशी पढ़ना सीखूँ, तेरी हर धड़कन जानूँ,
बिन बोले तेरे हर दुख को, बिन पूछे तेरी खुशी पहचानूँ।

आदर से तेरे माथे पर, इक पावन चुम्बन रख दूँ,
तेरी बिंदी को भोर का सूरज, तेरी हँसी को मधुबन लिख दूँ।
तेरे काले-काले बालों में, शाम का सुकून मिले,
तेरे साथ चलूँ तो जैसे, हर मौसम में जून मिले।

मुझे न दौलत, न शोहरत, न कोई और जहाँ चाहिए,
बस तेरे होने से पूरी, मेरी हर एक दुआ चाहिए।
तू रहे तो साँसें मेरी, गीत मोहब्बत के गाएँ,
तू न हो तो इस जीवन में, हम किसके हो जाएँ।

तुम ही मेरी पहली चाहत, तुम ही अंतिम आस हो,
मेरे जीवन के हर अक्षर में, तुम ही मेरा विश्वास हो।
आज कलम जब भी उठे, तेरा नाम ही लिखती जाए,
और मेरी आख़िरी साँस भी, बस तेरा नाम कह जाए।

मुझे और कुछ नहीं चाहिए—बस तुम मेरे पास रहो,
मेरी हर साँस की पूर्णता बन, यूँ ही मेरे साथ रहो।
तुम हो तो हर पल जीवन है, तुम बिन सब वीरान,
तुम ही मेरी प्रेम-कथा हो, तुम ही उसका अंतिम गान।


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