तुम
तुम
ममता की गागर हो तुम
करुणा का सागर हो तुम
वृक्ष की छाया हो तुम
कुबेर की माया हो तुम
दिन का सूरज हो तुम
रात के चांद सितारे तुम
दुनिया के धर्म सारे तुम
नदियाँ में गंगा हो तुम
पर्वत में हिमालय हो तुम
मां का आंचल हो तुम
पिता का दुलार हो तुम
करुणा में समाहित सृष्टि
करूणा ही प्यार हो तुम
करुणा प्रवाहित होता है
सारा संसार हो तुम।
