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Mayank Kumar

Romance

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Mayank Kumar

Romance

तुम कहो तो हम जागे

तुम कहो तो हम जागे

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तुम कहो तो फिर हम जागे

मरे हुए जिंदगी में साँस डालें,

क्या करें हम तुम बिन जीकर

जहां कोई फूल खिल न पाए,

तुम कहो तो फिर हम जागे...!


क्या करूंगा सांस लेकर

जिन सांसों में खुशी न हो,

क्या करूंगा तारे गिनकर

जिन तारों में कशिश न हो,

तुम कहो तो फिर हम जागे...!


मेरे सामने एक पर्दा था

उस पर्दे पर तुम्हारा साया था,

वह साया पर्दे पर उतर कर भी

उस पर्दे पर न चल पाया था,

क्या कहूं कि साया पत्थर हो गया

मेरे सपनों में खोकर कठोर हो गया

तुम कहो तो फिर हम जागे...!!



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