STORYMIRROR

Divyanjli Verma

Romance

3  

Divyanjli Verma

Romance

तुम बिन

तुम बिन

1 min
279

तुम बिन

कोई अच्छा भी तो नही लगता।


तुम बिन 

कोई सच्चा भी तो नही लगता।


तुम बिन 

रातो को नींद भी तो नही आती।


तुम बिन 

दिल को चैन भी तो नही मिलता।


तुम बिन 

दुनिया बेरंग सी लगती है।


तुम बिन

खुशी भी तो नही मिलती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance