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Shweta Chaturvedi

Romance

3  

Shweta Chaturvedi

Romance

तुम बहार

तुम बहार

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560

तुम बहार का मौसम

मैं पतझर हूँ जाना


मैं जिस साख से टूटूँ

तुम उस पर खिल आना


मेरा जाना तो तय है 

पर तुम आते रहना


मंद पवन के झोंकों में 

तुम सदा महकते रहना


मेरा प्राण बसा तुममें है 

मुझको ख़ुद में ही पाना


जीवन की इस धूप छांव में

तुम हर क्षण में मुस्काना।


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