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Dr. Anu Somayajula

Abstract

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Dr. Anu Somayajula

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टूटने का दर्द

टूटने का दर्द

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दिल के टूटने ग़म क्या करें

टूटता कांच भी है

पत्थर भी

दिल भी

टूटना था, टूट गया।


कांच की बिखरी किरचियों से

पत्थर की टूटी चिप्पियों से

दिल के टूटे टुकड़ों से

उठते टीस की बात अब क्या करें

दर्द होना था, हुआ।


कांच और पत्थर से

बच निकलने की बात, आदमी

सोच सकता है

टूटे हुए दिल की बात क्या करें

रोना लाज़िमी था, हुआ।


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