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Tanha Shayar Hu Yash Pal

Romance


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Tanha Shayar Hu Yash Pal

Romance


तस्वीर

तस्वीर

1 min 203 1 min 203

तू भी अजनबी सा लगने लगा है 

दीखता था पहले हर तरफ , 

रहता था पहले मेरे रूबरू , अब 

किसी किसी कोने में सजने लगा है। 


पहले सीने से लगकर रखते थे 

होठों से भाप उड़ते ही दीखते थे 

कभी खिड़की पर आप उभरते थे ,

आज तेरे तसव्वुर भी कोने पड़ा है। 


नींद आ जाती है बिना देखे तुम्हे 

पहचान नहीं पाते बिना आंखें पोंछे तुम्हे 

सपनो में भी तेरा तकिया कोने पड़ा है

पर जब भी देखि तेरी तस्वीर , 

ना चाहकर भी मुझे खोना पड़ा है। 

तनहा शायर हूँ !


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