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RASHI SRIVASTAVA

Romance

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RASHI SRIVASTAVA

Romance

तन्हाइयां

तन्हाइयां

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खुद को बर्बाद खुद कर रही इस कदर

ऐसा दुश्मन कभी ना किसी को मिले

अपने साए से भी मैं जुदा हो गई 

ऐसी तनहाइयां ना किसी को मिले



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