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RASHI SRIVASTAVA

Romance

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RASHI SRIVASTAVA

Romance

हमसफ़र

हमसफ़र

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वैसे तो कहते हो तुम मुझे हम सफर

करते फिर मुझसे क्यों तुम सगाई नहीं

दिल परेशान है जां परेशान है

कल से हिचकी मुझे इक भी आई नहीं


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