Manisha Shaw
Inspirational
क्यों आजकल हर कोई
अपनी तकदीर पर रोता है
मिलना उसे वही है, जिसका बीज
उसने खुद से बोया होता है
छोड़कर ये लकीर का लेखा-जोखा
बस मन को दृढ़ बनाना होता है
मैंने तकदीर को भी पलटते देखा है
जब सामने चट्टान सा हौसला खड़ा होता है।
छलावा
जां तू मेरी
जुबान - ए - द...
ये जग की बात ...
इश्क हुआ ही न...
तकदीर का रोना
आज की दुनिया
लिखना जरूरी ह...
जुगनू जैसी उम...
तुम कहाँ जा र...
जैनुलाब्दीन का छोटा पुत्र महान, बच्चपनमें पाया इसलाम व कुरान का ज्ञान। जैनुलाब्दीन का छोटा पुत्र महान, बच्चपनमें पाया इसलाम व कुरान का ज्ञान।
जिंदगी जितनी जी जाये अच्छी ही है। जिंदगी जितनी जी जाये अच्छी ही है।
सुना था बिना अनुभव सत्य प्रत्यक्ष नही होता। सुना था बिना अनुभव सत्य प्रत्यक्ष नही होता।
जो होता है अच्छे के लिए , होता है भविष्य की तुम परवाह मत करो तुम। जो होता है अच्छे के लिए , होता है भविष्य की तुम परवाह मत करो तुम।
अभी तो सफर शुरू हुआ है सफर की मुश्किलों से मत घबराना ए राही। अभी तो सफर शुरू हुआ है सफर की मुश्किलों से मत घबराना ए राही।
आरम्भ का अंत हो जाना नया साल, गिनती का नम्बर बदल जाना नया साल। आरम्भ का अंत हो जाना नया साल, गिनती का नम्बर बदल जाना नया साल।
जीवन में खुशी हो या गम नहीं होना चाहिए जीवन थम। जीवन में खुशी हो या गम नहीं होना चाहिए जीवन थम।
आत्मविश्वास है साथ, फिर भी जाना आसान नहीं होगा। डर की सरहद के पार, जाना आसान नहीं होगा आत्मविश्वास है साथ, फिर भी जाना आसान नहीं होगा। डर की सरहद के पार, जाना आसान ...
भीड़ या एकाकी जीवन संघर्ष या सत्ता शीर्ष अटल अमृत धार प्रवाह है ।। भीड़ या एकाकी जीवन संघर्ष या सत्ता शीर्ष अटल अमृत धार प्रवाह है ।।
जप ले अब तो प्रभु का नाम, कर ले बंदे ये शुभ काम। जप ले अब तो प्रभु का नाम, कर ले बंदे ये शुभ काम।
नैतिकता मर्यदा का युग श्रेष्ठ प्रमाण । विनम्रता योग्यता आचरण संस्कृति अनुग्रह अनुष्ठान। नैतिकता मर्यदा का युग श्रेष्ठ प्रमाण । विनम्रता योग्यता आचरण संस्कृति अनुग्रह...
हमारा शहर बनारस, कहते हैं इस शहर में कोई भी भूखा नही सोता। हमारा शहर बनारस, कहते हैं इस शहर में कोई भी भूखा नही सोता।
काश आस प्यास कशिश और कोशिश का निर्माण निरर्थक।। काश आस प्यास कशिश और कोशिश का निर्माण निरर्थक।।
वैसे कलमकार वही श्रेष्ठ है जो अवसाद ग्रस्त को सुखी करे । वैसे कलमकार वही श्रेष्ठ है जो अवसाद ग्रस्त को सुखी करे ।
किसके तुम हो कौन तुम्हारा, यहां तो मतलब का जग सारा। किसके तुम हो कौन तुम्हारा, यहां तो मतलब का जग सारा।
राह मुश्किल तो है पर नामुमकिन नहीं हालातों को अपने काबू में कर लिया हमने राह मुश्किल तो है पर नामुमकिन नहीं हालातों को अपने काबू में कर लिया हमने
आया साल दो हजार तेइस" हर साल की तरह यह साल भी गुजर जायेगा। आया साल दो हजार तेइस" हर साल की तरह यह साल भी गुजर जायेगा।
सवालों को ज़हन से भूल जा, जवाबों को पाने से पहले ठुकरा सवालों को ज़हन से भूल जा, जवाबों को पाने से पहले ठुकरा
लक्ष्य होना चाहिए , लक्ष्य के बिना ज़िंदगी व्यर्थ है। लक्ष्य होना चाहिए , लक्ष्य के बिना ज़िंदगी व्यर्थ है।
एक शब्द में मनुष्यता, लुप्त होती जा रही मानव मन से। एक शब्द में मनुष्यता, लुप्त होती जा रही मानव मन से।