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Neerja Sharma

Tragedy Action Inspirational


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Neerja Sharma

Tragedy Action Inspirational


तीसरी बेटी - कलंक

तीसरी बेटी - कलंक

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दादी हो तुम

माँ को हो दुत्कारती

बेटियाँ जन्मी।


आप भी बेटी

माँ -बहने भी बेटी

फिर कलंक ?


युग बदला

बेटियाँ निष्कलंक

बनो गर्विता।


सभी समझो

बेटा-बेटी समान

स्वीकार करो।


कलंक नहीं 

परिवार गौरव

तीसरी बेटी।


डाक्टर बनी

दादी वारी है जाए

माँ निष्कलंक।


गली ढिंढोरा

फूली नहीं समाए

दादी शगुन।


नहीं कलंक

न मारो गर्भ में ही 

बेटी गर्व है।


जागो इंडिया

 तीसरी बेटी जन्म

नहीं कलंक।


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