Shailaja Bhattad
Abstract
तीर की तरह शब्द गहरे घाव करते हैं।
और वह है कि, यूं ही कह दिया था कहकर चलते बनते हैं।
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खरपतवार जब घेरने लगे उससे कट जाना अच्छा होता है ।
शोषण के बीज को रौंदने में ही सबका भला होता है।
जयश्री राम
श्री राम ध्या...
हे प्रभु
जय जय श्रीराम...
राम- भरत
श्री राम- भरत
हिन्दी नारे
श्रीराम
होली है
मेहंदी का रंग जितना देर तक बरकरार रहता है, नये जोड़ों के लिए यह उतना ही शुभ माना जाता है मेहंदी का रंग जितना देर तक बरकरार रहता है, नये जोड़ों के लिए यह उतना ही शुभ माना...
उस सपने को जीने का, उस काम को करने का, जो आपके दिल में बसता था। उस सपने को जीने का, उस काम को करने का, जो आपके दिल में बसता था।
मैं जाऊंगा ही जाऊंगा । ए जाते हुए दिसंबर! जरा ठहरो !जरा ठहरो! मैं जाऊंगा ही जाऊंगा । ए जाते हुए दिसंबर! जरा ठहरो !जरा ठहरो!
पिता का समझदारी वरदान है , हो जाता पुत्र का तब अनमोल हो जाता है रिश्ता पिता पुत्र का। पिता का समझदारी वरदान है , हो जाता पुत्र का तब अनमोल हो जाता है रिश्ता पिता प...
फलों का तो राजा कहलाता है,आम गर्मी का कर देता है,यह काम तमाम। फलों का तो राजा कहलाता है,आम गर्मी का कर देता है,यह काम तमाम।
पहचान, न खुद को यार तू, पहचान न खुद को यार तू... जानता हूँ, कि आंखें तेरी भी रोती है। पहचान, न खुद को यार तू, पहचान न खुद को यार तू... जानता हूँ, कि आंखें तेरी भी ...
राम की शरण में आने के चोर रास्ते तलाशने लगे हैं, राम की शरण में आने के चोर रास्ते तलाशने लगे हैं,
जिंदगी से जिंदगी के जंग लिख रहा हूं कभी खुशियां तो कभी गम लिख रहा हूं। जिंदगी से जिंदगी के जंग लिख रहा हूं कभी खुशियां तो कभी गम लिख रहा हूं।
दुखों से निकलने की भरपूर प्रयास लगाया इस जीवन में बहुत कुछ खोया और पाया। दुखों से निकलने की भरपूर प्रयास लगाया इस जीवन में बहुत कुछ खोया और पाया।
ये आंसू मेरे नहीं जो मेरी आंखों से बह रहे है ये आंसू भी तुम्हारे है ,तुम्हें देखकर निकल रहे है ये आंसू मेरे नहीं जो मेरी आंखों से बह रहे है ये आंसू भी तुम्हारे है ,तुम्हें ...
दीवाली मनाकर सो गया, न सुन सका दीये का क्रंदन। दीवाली मनाकर सो गया, न सुन सका दीये का क्रंदन।
प्रभु! सचमुच आप कुछ देना चाहते हैं तो एक दिन के लिए अपने सारे अधिकार दे दीजिए। प्रभु! सचमुच आप कुछ देना चाहते हैं तो एक दिन के लिए अपने सारे अधिकार दे दीजिए...
बाहर से घर आकर मन लगेगा क्या बेटी कैसे करूँ तुम्हारी बिदाई बेटी। बाहर से घर आकर मन लगेगा क्या बेटी कैसे करूँ तुम्हारी बिदाई बेटी।
होती कोई जो कभी लाड़ लड़ाती तो कभी लड़ती मुझसे होती कोई जो कभी लाड़ लड़ाती तो कभी लड़ती मुझसे
इसलिए हम उन चीज़ों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जो सबसे ज्यादा मायने रखती हैं, इसलिए हम उन चीज़ों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जो सबसे ज्यादा मायने रखती हैं,
सुबह सुबह कोयल की पंछियों की चहचहाना जीने की चाह और सुबह की लाली में खो जाना सुबह सुबह कोयल की पंछियों की चहचहाना जीने की चाह और सुबह की लाली में खो जाना
होली है भाई होली है दोस्तो की बड़ी टोली है। होली है भाई होली है दोस्तो की बड़ी टोली है।
उनके अंत:करण के परिवर्तन की दिशा का रुख तक कनक प्रभा जी ने मोड़ दिया। उनके अंत:करण के परिवर्तन की दिशा का रुख तक कनक प्रभा जी ने मोड़ दिया।
घर - घर के आंगन में आज रंगोली बनी है दीपक की लड़ियों से अयोध्या आज सजी है घर - घर के आंगन में आज रंगोली बनी है दीपक की लड़ियों से अयोध्या आज सजी है
न खुद धर्मभ्रष्ट हुईं और न ही बेटे को गुमराह किया, न खुद धर्मभ्रष्ट हुईं और न ही बेटे को गुमराह किया,