STORYMIRROR

Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Abstract Inspirational

4  

Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Abstract Inspirational

राम नाम रस

राम नाम रस

1 min
233

राम नाम रस औषधि, अमृत घोल सुहाए,

हर दुख हर पीड़ा को हरे,मन शांति पाए।

जग की सारी व्याधि का,सहज उपाय यही,

राम के चरणों में जो रमे, सच्चा सुख वही।


जब संसारचक्र में , उलझा मन अकुलाए,

राम नाम का हो स्मरण, संशय दूर हटाए।

चिंता विष पीने वाले , दुख से कब उबरें?

राम नाम रस पीने वाले, भवसिंधु से उतरें।


ना जाति का भेद , ना रूप रंग को देखे,

राम नाम की महिमा, सबको प्रेम से लेखे।

कर्म, भक्ति और ज्ञान का ,अद्भुत संगम ,

राम नाम में लीन ही , है सत्य जड़ जंगम।


हर कण-कण में गूंज रहा, ये अनहद नाद ,

राम नाम रस औषधि, नहीं कोई प्रतिवाद।

जो जगत में सबसे न्यारा, वह अमूल्य रतन,

राम नाम रस औषधि ,आत्मपरमानन्द धन।


द्वेष जला, मोह मिटाए, ये सत्यमार्ग दिखाए,

अज्ञान तम से जो घिरे,उसे सत्यबोध दे जाए।

राम नाम का जाप निरंतर, जीवन का आधार,

बनता है वे दीपक, जो करता तमस को पार।

    ‌‌‌‌‌‌‌             



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract