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SIJI GOPAL

Drama

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SIJI GOPAL

Drama

थोड़ा दर्द पाल रहीं हूँ

थोड़ा दर्द पाल रहीं हूँ

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थोड़ा, हाँ थोड़ा दर्द पाल रही हूँ !


कुछ नयी सीख,

कुछ नयी‌ रीत,

कुछ घावों को कुरेद रहीं हूँ..

थोड़ा, हाँ थोड़ा दर्द पाल रहीं हूँ !


कुछ नये रोग,

कुछ नये लोग,

थोड़े आंसू, दिल में संभाल रहीं हूँ..

थोड़ा, हाँ थोड़ा दर्द पाल रहीं हूँ !


कुछ नया नज़रिया,

कुछ नयी पहेलियां,

थोड़ा गम फिर से उबाल रहीं हूँ..

थोड़ा, हाँ थोड़ा दर्द पाल रहीं हूँ !


कुछ नयी कहानी,

कुछ नयी नादानी,

थोड़ा रक्त, खुद ही निकाल रहीं हूँ..

थोड़ा, हाँ थोड़ा दर्द पाल रहीं हूँ !


कुछ नयी सौगात,

कुछ नये से पाठ,

थोड़ा ज़ख्मों पर नमक डाल रहीं हूँ..

थोड़ा, हाँ थोड़ा दर्द पाल रहीं हूँ !


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