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Shakshi Kumari

Romance Classics

4  

Shakshi Kumari

Romance Classics

तेरी यादें

तेरी यादें

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राते जब आधी होती है, दिल में बैचेनी होती है

यादें तेरी कुछ इस तरह आती है 

ना काबू में मैं होती हूं, ना ही मेरा मन होता है।


हवा जब छूती है मेरे चहरे को, 

तेरे होने का एहसास होता है 

दिल जब भी धड़कता है जोड़ों से,

लगता है हर पल तु मेरे पास होता है 


दिल में तेरा जब भी एहसास होता है,

चेहरे पर मेरी एक मुस्कान ही होती है।

यादें तेरी मुझे इतनी आती है,

हमारा मिलन आज कल आसमान में होती है।। 


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