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S N Sharma

Romance

4  

S N Sharma

Romance

तेरी रुसवाईयां

तेरी रुसवाईयां

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यार है मुश्किल बड़ा सहना तेरी रुसवाईयां

प्यार तेरा शरबती है और जहर रुसवाईयां।

पूछता मुझसे किनारा नदी का बेताब होकर।

क्या खता तुझसे हुई जो मिल रही रुसवाईयां।

तेरी अलकें तेरी खुशबू साथ तेरा था हसीन।

रह गए हैं दर्दे दरिया और साथ हैं रुसवाईयां।

रूठने और मनाने का खेल लगता था भला।

छोटी खता की बड़ी सजा दे रहीं रुसवाईयां।

हर मिलन का एक ही अंजाम है गर बिछड़ना।

दिल में ना रहतीं न देतीं यार तुम रुसवाईयां



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