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Kavi dr. Mala "sanket"

Romance

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Kavi dr. Mala "sanket"

Romance

हे कविता में कविवर

हे कविता में कविवर

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हे कविता मैं कविवर, 

हमारा नाता दिल का दिलबर।


तुझ को लिखकर मैं आनंदित हो जाऊँ,

तेरे साथ मिलकर मै खुद खो जाऊँ।


तेरे साथ रहना मुझे कबुल है,

क्या ए शर्त तुझे भी मंजुर है।


"संकेत "तुझे छू ने को मन करता,

तुझे लिखकर ही जी भरता। 

हे कविता में कविवर। 


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