Amrita Singh
Romance Classics
बेपरवाह दिल मेरा
परवाह करता है तेरी
हर घड़ी हर वक़्त
जिक्र करता है तेरी
हर लम्हे में
खामोशी से
याद करता है तुझे
हर किसी को
जाहिर नहीं
होने देता है
पर फिक्र करता है तेरी।
हलचल
तन्हाई
दशहरा
खुशियां
अधूरे से
तुम्हारी याद
बेटियां
किस्सा
बाल्यपन
बारिश का मौसम
बाक़ी न रख अब, याद भी मेरी, बस मेरी, यह इल्तिजा तुझसे। बाक़ी न रख अब, याद भी मेरी, बस मेरी, यह इल्तिजा तुझसे।
मैं और तुम , आकाश के दो रंग !! मैं और तुम , आकाश के दो रंग !!
बस उसके एक ज़िक्र ने कमाल कर दिया उसके नाम ने मुझे बेहाल सा कर दिया । बस उसके एक ज़िक्र ने कमाल कर दिया उसके नाम ने मुझे बेहाल सा कर दिया ।
बादल गरजे, बिजुरी चमके, मनवा मोरा धड़क - धड़क जाए, राह देखूं मैं अपने पिया की बादल गरजे, बिजुरी चमके, मनवा मोरा धड़क - धड़क जाए, राह देखूं मैं अपने पि...
पर एक मंदिर में दिए की तरह , अकेले ही सिसकते रहे। पर एक मंदिर में दिए की तरह , अकेले ही सिसकते रहे।
क्या कहना चाहते हैं, ये अहसास । के, कोई तो है मेरे भी आस-पास ।। क्या कहना चाहते हैं, ये अहसास । के, कोई तो है मेरे भी आस-पास ।।
"ज़रूरी नहीं सब पलों को रिश्तों में कैद करना कुछ पल खुली हवा में जीते हैं ! "ज़रूरी नहीं सब पलों को रिश्तों में कैद करना कुछ पल खुली हवा में जीते हैं !
ख़ामोश नज़रे तेरी, शर्मा के हाँ कही थी, जब आईने में तस्वीर, दोनो की संग सजी थी ख़ामोश नज़रे तेरी, शर्मा के हाँ कही थी, जब आईने में तस्वीर, दोनो की संग ...
दिल क्या जाने जंजीरों को, यह तो दुनियादारी के है रिवाज, दिल क्या जाने जंजीरों को, यह तो दुनियादारी के है रिवाज,
प्रेम और मिलन प्रेम और मिलन
ये देखो ठिठुरतें पुष्प पुंज रात की रानी के मंसूबे है सर्द हवा के झोंके से! ये देखो ठिठुरतें पुष्प पुंज रात की रानी के मंसूबे है सर्द हवा के झोंके स...
रखकर सामने आईने को मेरी तरह ही, क्या खुद को आईने में पाती ना होगी रखकर सामने आईने को मेरी तरह ही, क्या खुद को आईने में पाती ना होगी
इस मोड पर ये भी सूझता नहीं इस मोड पर ये भी सूझता नहीं
सावन की मेंहदी सजने लगी मेरे हाथों में, साजन की याद महकने लगी जज़्बातों में सावन की मेंहदी सजने लगी मेरे हाथों में, साजन की याद महकने लगी जज़्बातों में
सहज न दोगे दिल अपना और हम बिना लिए न मानें सहज न दोगे दिल अपना और हम बिना लिए न मानें
किसी की जान जान में है तो किसी में जान नहीं है किसी की जान जान में है तो किसी में जान नहीं है
प्यार की लहर हमारे दिल में बहती इस मौसम सी प्यार की लहर हमारे दिल में बहती इस मौसम सी
मोहब्बत तो मेेेेरी ही थी पर अब चाहत है किसी और की! मोहब्बत तो मेेेेरी ही थी पर अब चाहत है किसी और की!
जिंदगी में कमी महसूस तो नहीं होती है बस दिल को ही तेरी कमी खलती है। जिंदगी में कमी महसूस तो नहीं होती है बस दिल को ही तेरी कमी खलती है।
फिर उसको एक अरसे बाद याद आया की शायद वो मुझसे अब बोर होने लगा। फिर उसको एक अरसे बाद याद आया की शायद वो मुझसे अब बोर होने लगा।