Amrita Singh
Fantasy
इश्क़ प्यार मोहब्बत
छोड़ो।
वादियों की सैर पर
चलो।
वादियों का किस्सा सुनने।
हलचल
तन्हाई
दशहरा
खुशियां
अधूरे से
तुम्हारी याद
बेटियां
किस्सा
बाल्यपन
बारिश का मौसम
कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए। कुछ समझ ना आए तो पानी उबाल के रखिए।
खुद ही पहेली बन जाने से पहले, धड़कनों को जरा तुम दबोच लो खुद ही पहेली बन जाने से पहले, धड़कनों को जरा तुम दबोच लो
आँखें, जब किसी की पानी से भरी हुई परातें बन जाएं... आँखें, जब किसी की पानी से भरी हुई परातें बन जाएं...
हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे। हां यह सच है कि आज इजहार-ए- इश्क करते हैं तुमसे।
रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...! रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...!
एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी' एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी'
राग छेड़ा मुख पर पिया, मैं प्रेम रथ का ताज बनूँ । राग छेड़ा मुख पर पिया, मैं प्रेम रथ का ताज बनूँ ।
मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यारी है तो मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यार...
जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं जिस की आवाजें पल पल तुम्हें जगा देती, वह हमसफ़र यार तेरा सिर्फ मैं हूं
किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखटाने को। किताबों से यकीनन जी 'हिया' अब भर गया होगा वो मुद्दत बाद लौटा है मिरा दर खटखट...
मुझे दगाबाज समझ कभी मुंह फेर मत लेना क्या तुम कर सकते हो मुझसे प्यार उतना? मुझे दगाबाज समझ कभी मुंह फेर मत लेना क्या तुम कर सकते हो मुझसे प्यार...
और हमारे प्यार से रिश्ता अब सपनों की दुनिया मे निभाया करो और हमारे प्यार से रिश्ता अब सपनों की दुनिया मे निभाया करो
महानगर में हाउसवाइफ महानगर में हाउसवाइफ
दिन भर नियति से लड़, जब मैं थक जाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख, थोड़ा सुख चैन पाता हूँ। दिन भर नियति से लड़, जब मैं थक जाता हूँ तब इन्हीं रंगों को देख, थोड़ा सुख चैन प...
सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे। सबके लिए खास-खास बनें यहां, बस तुम अपनी पहचान ले बंदे।
यह बहती नदी भी मैं आज से तुम औरतों के हवाले कर रहा हूँ यह बहती नदी भी मैं आज से तुम औरतों के हवाले कर रहा हूँ
मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा। मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा।
मेरी हर पहचान मेरा रूप है जिंदगी एक वादा है एक इरादा है जिंदगी। मेरी हर पहचान मेरा रूप है जिंदगी एक वादा है एक इरादा है जिंदगी।
Cgf Cgf
क्यों खामोश बैठे हो वार करोगे क्या ? मेरे भरोसे को तार-तार करोगे क्या? क्यों खामोश बैठे हो वार करोगे क्या ? मेरे भरोसे को तार-तार करोगे क्या?