तेरी मधुर मुस्कान
तेरी मधुर मुस्कान
न धन - दौलत की चाहत है।
न रौब - रुतबे की हिमाकत है।
तुझे पाकर मैंने जिंदगी में पाई अमूल्य अमानत है।
तेरी मधुर मुस्कान महफूज रहे हमेशा,
रब से दुआ यही हमेशा ।
ईश्वर से यही इबादत है।।
तेरी निश्छल प्रेम की की खातिर मैं बर्बाद हो जाऊँ ।
सबकुछ खोकर भी मैं ! तुझे पाकर आबाद हो जाऊँ ।
मैं इस तरह चाहूँ तुझे कि तुझ पे फना हो जाऊँ।
तेरे प्यार में, मैं बार - बार दीवाना हो जाऊँ ।।

