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Deepali Mathane

Romance

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Deepali Mathane

Romance

तेरी ख़ूशबू से

तेरी ख़ूशबू से

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तेरी ख़ूशबू से महका हुआ है मेरा जहाँ

यादों की महफ़िलों में तुम बसे हो यहाँ


सोचती हूँ ज़िंदगी भर महकता रहे साँसो का जहाँ

मन्नतों से पाया है मेरी साधना का हर पल वहाँ


फ़िज़ायें रंगीन खिले रहे गुलिस्तानों के कँवल जहाँ

रंग-बिरंगे फुलोंसे तेरी ख़ूशबू महकती रहें वहाँ।


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