STORYMIRROR

Deepali Mathane

Romance

3  

Deepali Mathane

Romance

तेरी ख़ूशबू से

तेरी ख़ूशबू से

1 min
182

तेरी ख़ूशबू से महका हुआ है मेरा जहाँ

यादों की महफ़िलों में तुम बसे हो यहाँ


सोचती हूँ ज़िंदगी भर महकता रहे साँसो का जहाँ

मन्नतों से पाया है मेरी साधना का हर पल वहाँ


फ़िज़ायें रंगीन खिले रहे गुलिस्तानों के कँवल जहाँ

रंग-बिरंगे फुलोंसे तेरी ख़ूशबू महकती रहें वहाँ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance