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नवल पाल प्रभाकर दिनकर

Drama Others

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नवल पाल प्रभाकर दिनकर

Drama Others

तेरी जय हो

तेरी जय हो

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हे अन्नदात्री, हे सुखदात्री

हे जन्मभूमि, हे कर्मभूमि

तेरी जय हो, तेरी जय हो।


भाग्य को बनाने वाली

हृदय दीप जलाने वाली

निःसहाय को पालने वाली

प्रिये मातृभूमि हे जगजननी

तेरी जय हो, तेरी जय हो।


अन्न की वर्षा करने वाली

धन के भंडार भरने वाली

सभी दुखों से उबारने वाली

हे अन्नपूर्णा, हे लक्ष्मी मां

तेरी जय हो, तेरी जय हो।


अपना दूध पिलाने वाली

ऊंगली पकड़ चलाने वाली

गिरे हुये को उठाने वाली

हे जगजननी, हे स्तम्भिनी

तेरी जय हो, तेरी जय हो।


मनवांछित फल देने वाली

समाहित अन्दर करने वाली

रूप करोड़ों बदलने वाली

हे सतरूपा, हे महामाया

तेरी जय हो, तेरी जय हो।




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