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DEVSHREE PAREEK

Romance

4  

DEVSHREE PAREEK

Romance

तेरे वज़ूद में शामिल…

तेरे वज़ूद में शामिल…

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घुटन,

शिकस्त,

तन्हाई का दौर

जब तुम्हें सताएगा…

हर कदम पर

ज़ोरों से पकड़ा

मेरा हाथ याद आएगा…

यह न सोचना

कभी कि मुकद्दर में

कितने गम हैं …

हर मुश्किल में

साथ हैं

ये क्या कम है…

ना देखना

खुद को

औरों के आईने में…

तेरे वज़ूद में

शामिल

तू मेरा अक्स पाएगा…


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