तेरे मेरे लिए बनी ये रात ,
चल बहें मिलके दोनो साथ - साथ ,
जो रह गया था बाकी कभी अधूरा ,
चलो जश्न मनायें उसका आज रात |
कितने इंतजार के बाद ....
फिर से ये घड़ी आई सनम ,
जब तन्हा तुम हो और हम हैं ,
बीच में ना किसी शोर का भरम |
उमंगें जवाँ हो रहीं बेकाबू ,
तेरी कसम चला तेरा जादू ,
खुद ~ब ~ खुद तन से चुनरी सरके ,
तेरे इशारों को दिल ये तरसे |
खोया सा दिन था खोई सी रात ,
अब तो चला आ बुझाने ये प्यास ,
कभी - कभी तो ये दिल तेरा होता है ,
भूल ज़माने को तुझमे खोता है |
तेरी हर इच्छा की आज दासी बनूँगी ,
तू जब तक कहेगा तब तक जलूँगी ,
बना दे इसे पूनम की रात ,
चल बहें मिलके दोनो साथ - साथ ||