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तेरे घर से जब लौटे

तेरे घर से जब लौटे

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तेरे घर से जब लौटे तो,

याद रखा सब भूल गए,

तेरी मोहब्बत को याद,

रखकर सब भूल गए।


तुमको भी जब अपनी,

मोहब्बत याद नहीं,

हम भी अपनी मोहब्बत तेरी,

आँखों मे रखकर भूल गये।


याद रखना सभी कसमे वादे,

हम अपने वादे तेरी,

याद में भूल गए,

मकता।


कत्ल जो मेरा करने जा रहे है,

कोई उन्हें बतलाये "नीरव",

मेरी लाश के पहलू में,

वो अपना ख़ंजर मत भूले।


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