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Nirav Rajani "शाद"

Classics

4.8  

Nirav Rajani "शाद"

Classics

कहाँ है

कहाँ है

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जिनते तो आ गयी

लेकिन जीनत-ए-अंजुमन कहाँ है

सोहबत-ए-शब का एहतिमाम तो कर ले

लेकिन मुज्दा-ए-शब कहाँ है ?


मुख्तसर ही तो आता था

बज्म में दौर-ए-जाम

साक़ी से पूछो की

जमाल-ए-मै कहाँ है ?


दाग-ए-फिराक-सोहबत हटाने का

अहेद तो कर ले लेकिन

ए "शाद" नवा-ए सरोश कहाँ है ?


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