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Vijay Kumar

Romance

3  

Vijay Kumar

Romance

तेरे आस-पास रहे

तेरे आस-पास रहे

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हम खुश रहे या उदास रहे

बस एक ख्वाहिश है कि

तेरे आस-पास रहे

कभी मिलो दूर रहे या पास रहे

आँखों में बस वही एक इंतजार रहे,


जिंदगी में उलझन रहे या गम रहे

पलकों में बस खुशियों की आस रहे

हम में प्यार रहे या तकरार रहे

बस विश्वास की एक डोर बंधी रहे।


तुम हम में रहे या हम तुम में रहे

होठों पे न कभी कोई शिकायत रहे

हम खुश रहे या उदास रहे

एक ख्वाहिश है कि तेरे आस-पास रहे।


है गर दामन कांटों से भरा हुआ

तो बस हौसलों की उम्मीद ऊंची बनी रहे

मेरे सीने में बस जा कुछ इस तरह से

कि मेरी सांसों में बस तेरा ही वास रहे।


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